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नवरात्रि में संसद का विशेष सत्र! महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार की नजर

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नई दिल्ली स्थित नया संसद भवन। फोटो: PIB नई दिल्ली | 12 सितंबर 2026 संसद के विशेष सत्र को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार नवरात्रि के दौरान संसद का विशेष सत्र बुलाने पर फैसला कर सकती है। इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अभी तक सरकार की तरफ से विशेष सत्र बुलाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल यह मामला सरकार के संभावित फैसले से जुड़ा हुआ है। दरअसल, संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद भी उसका औपचारिक सत्रावसान नहीं किया गया है। इसी वजह से यह चर्चा शुरू हुई कि सरकार जरूरत पड़ने पर संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। बताया जा रहा है कि सरकार BRICS शिखर सम्मेलन के बाद इस मामले पर फैसला कर सकती है। सरकार के सामने यह विकल्प है कि विशेष सत्र बुलाया जाए या फिर मानसून सत्र का सत्रावसान कर दिया जाए। महिला आरक्षण और परिसीमन पर हो सकती है चर्चा अगर सरकार विशेष सत्र बुलाने का फैसला करती है तो इसमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े मुद्दे अहम हो सकते हैं। महिला आरक्षण...

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बढ़ी हलचल, सांसदों की दिल्ली में बढ़ी सक्रियता

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केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज 6 सितंबर 2026 | नई दिल्ली केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर हुए बदलाव के बाद अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में भी फेरबदल की संभावना को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच कई सांसदों और नेताओं की दिल्ली में सक्रियता बढ़ गई है। मंत्रिपरिषद में कुछ पद खाली होने और आने वाले समय में कई राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए संभावित विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार की कोई निश्चित तारीख या मंत्रियों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। संगठन में बदलाव के बाद सरकार पर नजर भाजपा ने हाल में संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसके बाद राजनीतिक चर्चा का केंद्र अब केंद्रीय सरकार की टीम बन गई है। पार्टी संगठन में जिम्मेदारी नहीं पाने वाले कुछ नेताओं की नजर भी संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार पर बताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यदि विस्तार होता है तो इसमें राज्यों के राजनीतिक समीकरण, आगामी विधानसभा चुनाव...

लाल किले से PM मोदी का बड़ा संदेश: आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत तक, सप्तधारा का रोडमैप और युवाओं के लिए बड़े ऐलान

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे की थीम में सजा लाल किला। Source: DD News Live नई दिल्ली 15अगस्त 2026। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा देने वाला विस्तृत रोडमैप सामने रखा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी, युवाओं, महिलाओं, खेल और सामाजिक सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं और संसाधनों के बल पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई वस्तु सस्ती, जल्दी या आसानी से उपलब्ध हो सकती है, लेकिन केवल आयात करने से देश की क्षमता तैयार नहीं होती। इसलिए भारत को अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करना होगा और अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा स्वयं करनी होगी। सेमीकंडक्टर से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी तक आत्मनिर्भरता पर जोर प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर को आधुनिक डिजिटल दुनिय...

IIT Delhi Convocation 2026: पीएम मोदी का युवाओं को संदेश, बदलती दुनिया के साथ सीखते रहें।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT दिल्ली के 56वें दीक्षांत समारोह 2026 को संबोधित करते हुए।  Source: SansadTV / PIB IIT Delhi Convocation 2026: पीएम मोदी ने युवाओं से कहा- बदलती दुनिया के साथ सीखते रहना जरूरी नई दिल्ली 8 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह 2026 को संबोधित करते हुए स्नातक छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसे समय में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं, जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। रणनीतिक समीकरण, वैश्विक शक्ति संतुलन, तकनीक, उद्योग और प्रोफेशन के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज से 20 या 30 साल बाद दुनिया कैसी होगी, इसका सटीक अनुमान लगाना किसी के लिए भी आसान नहीं है। ऐसे में युवाओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार रखें और सीखने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखें। तेजी से बदल रही है दुनिया पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया अभूतपूर्व गति से बदल रही है। तकनीक के विकास के साथ उद्योगों ...

9 अगस्त 1942 से 2026 तक: सी.पी. राधाकृष्णन ने याद किया भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ

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राज्यसभा सभापति श्री सी.पी. राधाकृष्णन भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर सदन को संबोधित करते हुए।  `Source: SansadTV` भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ: राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026: राज्यसभा के सभापति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू हुआ भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक और निर्णायक अध्याय है, जिसने पूरे देश को आजादी के लिए एकजुट किया। संसद टीवी (SansadTV) द्वारा साझा किए गए संदेश के अनुसार, सभापति ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं था, बल्कि यह देशवासियों के आत्मसम्मान, साहस और स्वतंत्रता की सामूहिक आकांक्षा का प्रतीक था। उन्होंने आंदोलन में भाग लेने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों के अद्वितीय साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभापति ने क...

लोकसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान: पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी पर जोर

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लोकसभा की कार्यवाही का दृश्य।| स्रोत: ETV Bharat / Sansad TV  लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने महिला नेतृत्व पर रखा पक्ष, पंचायत से संसद तक बढ़ती भागीदारी पर दिया जोर नई दिल्ली 07 अगस्त 2026: लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और पंचायत स्तर पर उभरे नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 25–30 वर्षों में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।  उन्होंने कहा कि पंचायतों में लाखों महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में काम कर चुकी हैं और अब वे केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि विधानसभा और संसद जैसी निर्णय लेने वाली संस्थाओं में भी अपनी प्रभावी भागीदारी चाहती हैं। पंचायतों से तैयार हुआ महिला नेतृत्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण मिलने के बाद लाखों महिलाएं जमीनी स्तर पर नेतृत्व कर चुकी हैं। पहले बहुत-सी महिलाएं सार्वजनिक जीवन में कम बोलती थीं, लेकिन अब उन्होंने प्रशासन, विकास और जनसमस्याओं को नजदीक से समझा है। इस अनुभव ने उनमें आत्मविश्वास और राजनीतिक चेतना ...

Supreme Court Judges Bill 2026: सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे 4 नए जज, संसद से विधेयक पास

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  सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या: संसद से पास हुआ विधेयक, अब न्याय मिलने की रफ्तार होगी तेज? भारत की न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तेज बनाने की दिशा में संसद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते मामलों और न्यायाधीशों पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए संसद ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है।  इस विधेयक के पारित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) कर दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश की सर्वोच्च अदालत में लाखों लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई लंबित है। लंबे समय से न्यायपालिका और कानूनी विशेषज्ञ यह मांग कर रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके और लोगों को समय पर न्याय मिल सके। संसद में क्या हुआ? इस विधेयक को पहले लोकसभा में पेश किया गया, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस पर चर्चा की। अधिकांश सदस्यों ने माना कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की संख...