IIT Delhi Convocation 2026: पीएम मोदी का युवाओं को संदेश, बदलती दुनिया के साथ सीखते रहें।
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| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT दिल्ली के 56वें दीक्षांत समारोह 2026 को संबोधित करते हुए। Source: SansadTV / PIB |
IIT Delhi Convocation 2026: पीएम मोदी ने युवाओं से कहा- बदलती दुनिया के साथ सीखते रहना जरूरी
नई दिल्ली 8 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह 2026 को संबोधित करते हुए स्नातक छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसे समय में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं, जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। रणनीतिक समीकरण, वैश्विक शक्ति संतुलन, तकनीक, उद्योग और प्रोफेशन के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज से 20 या 30 साल बाद दुनिया कैसी होगी, इसका सटीक अनुमान लगाना किसी के लिए भी आसान नहीं है। ऐसे में युवाओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार रखें और सीखने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखें।
तेजी से बदल रही है दुनिया
पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया अभूतपूर्व गति से बदल रही है। तकनीक के विकास के साथ उद्योगों के काम करने का तरीका बदल रहा है। वैश्विक स्तर पर शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहे हैं और नई तकनीकें रोजगार तथा प्रोफेशन के स्वरूप को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्हें भविष्य को केवल आज की परिस्थितियों के आधार पर नहीं देखना चाहिए। आने वाले वर्षों में ऐसी नई तकनीकें और परिस्थितियां सामने आ सकती हैं, जिनकी आज कल्पना करना भी मुश्किल है।
ऐसे में युवाओं की सबसे बड़ी ताकत उनका ज्ञान, सीखने की क्षमता और नई परिस्थितियों को समझने की योग्यता होगी।
बदलाव के साथ चुनौतियां और अवसर भी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलाव के हर दौर में चुनौतियां और अवसर दोनों आते हैं। परिस्थितियां जब बदलती हैं तो कई पुराने तरीके पीछे छूट जाते हैं, लेकिन उसी समय नए अवसर भी सामने आते हैं।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे मुश्किल परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनमें समाधान तलाशने की कोशिश करें। जो युवा समस्याओं को समझकर नए समाधान खोजने का प्रयास करते हैं, वे चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं।
पीएम मोदी ने लगातार सीखने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग सीखते रहते हैं, वे बदलती परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ने में सक्षम होते हैं।
IIT दिल्ली में सीखी समस्या समाधान की क्षमता
प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली से पढ़ाई पूरी कर रहे छात्रों को उनके संस्थान में मिले अनुभव की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि IIT में छात्रों ने केवल किताबों और पाठ्यक्रम से ज्ञान हासिल नहीं किया है, बल्कि उन्हें समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने की क्षमता भी विकसित करनी है।
IIT जैसे तकनीकी संस्थानों में छात्रों को अलग-अलग प्रोजेक्ट, शोध और प्रयोगों के माध्यम से वास्तविक समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है। यही अनुभव उनके भविष्य के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पीएम मोदी ने छात्रों को इस क्षमता का इस्तेमाल देश और समाज के सामने मौजूद जटिल समस्याओं के समाधान के लिए करने की प्रेरणा दी।
डिग्री केवल परीक्षा पास करने का प्रमाण नहीं
प्रधानमंत्री ने छात्रों को डिग्री के वास्तविक महत्व को समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी छात्र की डिग्री केवल परीक्षा पास करने, अच्छा CGPA हासिल करने या प्लेसमेंट पाने का प्रमाण नहीं है।
डिग्री के साथ एक छात्र के पास समस्याओं को समझने, उनका विश्लेषण करने और समाधान खोजने की क्षमता भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया में यही क्षमता युवाओं को आगे बढ़ने में मदद करेगी।
IIT दिल्ली से निकलने वाले छात्रों के सामने अब शिक्षा के बाद वास्तविक दुनिया में अपने ज्ञान का इस्तेमाल करने की चुनौती होगी। उद्योग, शोध, स्टार्टअप और सार्वजनिक क्षेत्र जैसे कई क्षेत्रों में उन्हें अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलेगा।
AI के दौर में युवाओं के लिए नई संभावनाएं
दीक्षांत समारोह के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का महत्व भी चर्चा में रहा। AI तेजी से शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, प्रशासन, अनुसंधान और कई अन्य क्षेत्रों में बदलाव ला रहा है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को नई तकनीकों को समझने और उनका उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। तकनीकी संस्थानों के छात्रों के लिए AI आने वाले समय में नए शोध और नवाचार के कई अवसर पैदा कर सकता है।
AI के साथ-साथ डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेषज्ञता की मांग बढ़ रही है। ऐसे में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के सामने नए क्षेत्रों में काम करने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
'Param Pragya' का भी हुआ जिक्र
IIT दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान Param Pragya का भी उल्लेख हुआ। AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में ऐसी सुविधाएं शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध होने से वैज्ञानिक अनुसंधान, AI मॉडल, डेटा विश्लेषण और जटिल तकनीकी समस्याओं पर काम करने में मदद मिल सकती है। इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को देश में ही उन्नत तकनीकी अनुसंधान के लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता को देश की प्रगति से जोड़ने पर जोर दिया। उनका संदेश रहा कि नई तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका उपयोग बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी किया जा सकता है।
छात्रों से नवाचार करने की अपील
पीएम मोदी ने छात्रों से केवल मौजूदा तकनीकों का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहने की अपील की। उन्होंने नए विचारों और समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आज दुनिया में तकनीकी बदलाव की गति बहुत तेज है। ऐसे में जो युवा नए प्रयोग करने और अलग तरीके से सोचने की क्षमता रखते हैं, उनके लिए अवसरों की कमी नहीं होगी।
उन्होंने छात्रों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि वे अपनी शिक्षा और तकनीकी ज्ञान से समाज की किन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। भारत में बड़ी आबादी के कारण स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में तकनीक आधारित समाधान की बड़ी जरूरत है।
रोजगार के साथ समाज के लिए काम करने का संदेश
IIT दिल्ली के छात्रों के लिए प्लेसमेंट और करियर निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के संबोधन में व्यक्तिगत करियर से आगे समाज के लिए योगदान देने का संदेश भी दिखाई दिया।
तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा देश के विभिन्न क्षेत्रों में नई तकनीक लेकर जा सकते हैं। वे कंपनियों में काम करने के अलावा स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं, अनुसंधान कर सकते हैं या सामाजिक समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान विकसित कर सकते हैं।
ऐसे युवाओं से उम्मीद की जाती है कि वे अपने ज्ञान का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव के लिए भी करें।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में महिला छात्रों की भागीदारी का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री ने मेधावी छात्रों के सम्मान के दौरान छात्राओं की संख्या कम होने पर चिंता व्यक्त की और तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की अधिक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया।
विज्ञान, इंजीनियरिंग, AI और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से तकनीकी क्षेत्र में विविधता और नए विचारों को बढ़ावा मिल सकता है।
भारत में STEM यानी विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में महिलाओं को अधिक अवसर देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। IIT जैसे संस्थानों में छात्राओं की भागीदारी बढ़ना इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
आने वाले समय के लिए तैयार रहने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने छात्रों को भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कोई यह निश्चित रूप से नहीं बता सकता कि दो या तीन दशक बाद दुनिया किस रूप में होगी।
तकनीक के क्षेत्र में जिस गति से बदलाव हो रहे हैं, उससे भविष्य में कई नए प्रोफेशन और काम के तरीके सामने आ सकते हैं। वहीं कुछ मौजूदा नौकरियों और प्रक्रियाओं में भी बदलाव हो सकता है।
ऐसे माहौल में युवाओं के लिए किसी एक कौशल पर निर्भर रहने के बजाय लगातार नई चीजें सीखना जरूरी होगा। अपने ज्ञान को अपडेट करना, नई तकनीक को समझना और बदलती परिस्थितियों के अनुसार काम करने की क्षमता विकसित करना भविष्य के करियर में अहम भूमिका निभा सकता है।
IIT दिल्ली से नई जिम्मेदारी के साथ निकलेंगे छात्र
दीक्षांत समारोह छात्रों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। कई वर्षों की पढ़ाई, परीक्षाओं, प्रोजेक्ट और शोध के बाद छात्र अब अपने पेशेवर जीवन की ओर कदम बढ़ाते हैं।
IIT दिल्ली से निकलने वाले इन छात्रों के सामने देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के अवसर हैं। कोई उद्योग में जाएगा, कोई शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा, कोई स्टार्टअप शुरू करेगा तो कुछ छात्र उच्च शिक्षा के लिए देश-विदेश के संस्थानों का रुख कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को याद दिलाया कि IIT से मिली शिक्षा उनके लिए केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि समस्याओं को समझने और नए समाधान विकसित करने की क्षमता का आधार है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे सीखना बंद न करें और बदलती दुनिया के साथ अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करते रहें। यही क्षमता उन्हें भविष्य की चुनौतियों के बीच नए अवसर तलाशने में मदद करेगी।
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