राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन से
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| राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू PBG Soldierathon 2026 के उद्घाटन के बाद तालियां बजाते हुए। साथ में जनरल वीके सिंह भी मौजूद। Source: Rashtrapati Bhavan |
राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन से PBG Soldierathon 2026 को दिखाई हरी झंडी, 253 साल की विरासत को किया सलाम
नई दिल्ली। 2 अगस्त 2026, रविवार को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में देशभक्ति का माहौल था। देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने PBG Soldierathon 2026 के पहले संस्करण को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन President's Bodyguard - PBG की 253 साल पुरानी परंपरा और कारगिल विजय के 27 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया।
इस कार्यक्रम में मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) वीके सिंह भी मौजूद थे। जनरल वीके सिंह इस पहल के संरक्षक हैं।
क्या कहा राष्ट्रपति कार्यालय ने
राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक X हैंडल से इस बारे में जानकारी दी गई। पोस्ट में लिखा गया:
"President Droupadi Murmu flagged off the PBG Soldierathon at a ceremony held at the Forecourt of Rashtrapati Bhavan in the presence of General (Dr) VK Singh, Governor of Mizoram who is the patron of the initiative. The Soldierathon serves as a unique platform to strengthen the bond between the Armed Forces and citizens of India."
ANI ने भी किया कवर
देश की प्रमुख न्यूज एजेंसी ANI ने भी इस खबर को प्रमुखता से दिखाया। ANI के पोस्ट में कहा गया:
"#WATCH | Delhi: President Droupadi Murmu virtually flags off the PBG Soldierathon at Rashtrapati Bhavan. General (Dr) VK Singh, Governor of Mizoram, was also present there."
Soldierathon की थीम और उद्देश्य
इस दौड़ की थीम रखी गई है 'Supporting Real Heroes – the Armed Forces of India' यानी 'असली हीरोज का साथ - भारत के सशस्त्र बल'। इसका नारा है 'Run for Soldiers, Run with Soldiers'।
पहला मकसद - सैनिकों को सम्मान
कारगिल युद्ध 1999 में हुआ था। इस साल इसकी 27वीं वर्षगांठ है। इस दौड़ के जरिए कारगिल में शहीद हुए जवानों और अभी देश की सेवा कर रहे सैनिकों के साहस और बलिदान को सलाम किया जा रहा है।
दूसरा मकसद - कल्याण के लिए फंड जुटाना
इस दौड़ से होने वाली सारी कमाई 2 जगह जाएगी।
1. PBG Welfare Fund - PBG के जवानों और उनके परिवारों की भलाई के लिए
2. Paraplegic Rehabilitation Centre, Pune - यहां युद्ध में घायल सैनिकों का इलाज और पुनर्वास होता है।
तीसरा मकसद - नागरिक-सेना संबंध मजबूत करना
इस आयोजन से आम जनता को सेना के करीब लाने की कोशिश की गई है। साथ ही युवाओं में फिटनेस और अनुशासन का संदेश भी दिया जा रहा है।
PBG: दुनिया की एकमात्र Airborne Cavalry
कार्यक्रम में जनरल वीके सिंह ने PBG के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि President's Bodyguard दुनिया की एकमात्र Airborne Cavalry Regiment है।
PBG की स्थापना साल 1773 में हुई थी। यानी ये रेजिमेंट 253 साल पुरानी है। शुरू से ही PBG का मुख्य काम राष्ट्रपति की सुरक्षा करना है। गणतंत्र दिवस और अन्य राजकीय समारोहों में सफेद वर्दी और कलगी वाले PBG के जवान ही गार्ड ऑफ ऑनर देते हैं।
कार्यक्रम की खास बातें
राष्ट्रपति भवन में इस मौके पर एक बड़ी LED स्क्रीन लगाई गई थी। उस पर Soldierathon में भाग ले रहे लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं। बड़ी संख्या में लोग दौड़ में शामिल हुए और "भारत माता की जय" के नारे लगाए।
सोशल मीडिया पर भी #PBG और #Soldierathon ट्रेंड कर रहा है। लोग राष्ट्रपति मुर्मू के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
आयोजन समिति ने बताया कि ये सिर्फ दिल्ली का कार्यक्रम था। आने वाले हफ्तों में मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में भी PBG Soldierathon का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रपति भवन से जारी बयान में कहा गया कि Soldierathon "सैनिकों के साहस और बलिदान को याद करने का एक अनूठा मंच है।"

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